ये दिल अब पहले जैसा किसी पर भरोसा नहीं करता।”
पर शायद एक याद बनकर… कभी-कभी याद आ ही जाऊँ।
तन्हाई में आँखों से जब भी आँसू गिरते हैं,
सुना है कोई है नही तुम्हारे पास मन बहलाने को
मैं इस जहाँ में उस एक शख़्स का भी हक़दार नहीं था क्या?
तेरे चेहरे की रंगत भी किसी दिन मोहब्बत उड़ा देगी…!
लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ Sad Shayari in Hindi नहीं..!!
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
कोई आया था… हमें समझने—but वो भी समझकर चला गया।
इंसान सिर्फ एक कारण से अकेला पड़ जाता हैं,
एक दर्द-ए-दिल है, वो भी किसी का दिया हुआ।
तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!
तेरे दिल में तो पहले ही कोई जगह नहीं होगी।